Basti News: बस्ती मेडिकल कालेज में डॉक्टरों की नहीं सुनते एक्सरे टेक्नीशियन, जिससे मरीज हो रहे परेशान।

बस्ती मेडिकल कालेज में डॉक्टरों की नहीं सुनते एक्सरे टेक्नीशियन, जिससे मरीज हो रहे परेशान।

जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर उच्चाधिकारियों से भी किया - पीड़ित धर्मवीर

डॉक्टर के लिखने से नहीं होगा एक्सरे जब हम नहीं लिखेंगे - एक्सरे टेक्निशियन मेडिकल कालेज बस्ती 

बस्ती। बस्ती जिला में मेडिकल कॉलेज ओपेक के चिकित्सालय कैली में एक्सरे विभाग बना शो पीस आपको बता दें इस मेडिकल कालेज में डॉक्टर कि नहीं चलती टेक्नीशियन की चलती है डॉक्टर अगर लिखता है एक्स-रे कराना है तो टेक्नीशियन डॉक्टर के आदेश को काटकर सीधे मरीजों को मन कर देता है की एक्स-रे नहीं होगा मरीज एक्सरे के लिए परेशान होते हैं। 

     बस्ती जिला में मेडिकल कालेज सिर्फ नाम का हो गया सरकार स्वास्थ विभाग में मरीजों के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह खर्च कर रही है और मुख्यमंत्री यह दावा करते हैं लेकिन इस मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने सरकार की व्यवस्था को मिटाने पर लगे हुए हैं ताजा मामला बस्ती जिला के मेडिकल कॉलेज का है अगर डॉक्टर किसी मरीज को जांच के लिए एक्सरे कराने के लिए लिखता है और जब मरीज एक्सरे विभाग में पहुंचता है और अपनी पर्ची दिखता है तो वहां पर बैठे टेक्नीशियन सी पी शुक्ला ने मरीज से एक्सरे करने से मना कर देता है।


    मरीज को यह कहकर वापस कर देता है की डॉक्टर के लिखने से एक्सरे नहीं होगा जबतक हम नहीं कहेंगे। अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब बस्ती मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कोई आवश्यकता ही नहीं जहां एक तरफ सरकार जनता के स्वास्थ सुविधा के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। मेडिकल कॉलेज बस्ती में डॉक्टरों की कमी है ही लेकिन डॉक्टर हैं तो उनके बाप बनकर बैठे हैं टेक्नीशियन जब डॉक्टर जांच के लिए कोई चीज लिखता है चाहे एक्सरे हो खून हो या फिर उससे संबंधित कोई और भी जांच की बात है जब अस्पताल में मशीन हैं तो फिर इन टेक्नीशियन को जांच करने या फिर एक्सरे करने में क्यों दिक्कत होती है और मरीजों को वापस कर देते हैं वहीं जब पीड़ित धर्मवीर ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी विमार पुत्री को लेकर मेडिकल कॉलेज बस्ती पहुंचे तो डॉक्टर ने उसको एक्सरे करने के लिए लिखा जब धर्मवीर अपनी 10 वर्षीय पुत्री को लेकर एक्सरे विभाग में गए तो वहां बैठे एक्स-रे टेक्नीशियन सी. पी. शुक्ला ने सीधे तौर पर मन कर देते हैं की एक्स-रे नहीं हो पाएगा मरीज यह विनती करता रहता है कि सर बेटी की तबियत बहुत ज्यादा खराब है और डॉक्टर साहब ने जांच के लिए एक्सरे कराने के लिए भेजा है तो टेक्नीशियन सी. पी. शुक्ला यहां तक कहते हैं की डॉक्टर को लिखने दीजिए यहां की व्यवस्था हम देखते हैं हम जानते हैं। 


 एक्स-रे किसका होना है किसका नहीं होना है इस बात को लेकर काफी मरीजों में काफी आक्रोश दिखा और ऐसे कई मरीजों को वापस कर देता है और मरीज निराश होकर चले आते हैं अभी हाल ही में रमेश नाम के मरीज के पैर का एक्सरे कराना था उनको भी यही कहा गया की एक्स-रे नहीं हो पाएगा इसी तरीके से सैकड़ो मैरिज लाइन में लगे रहते हैं लेकिन उनका एक्सरे नहीं हो पता इससे पता पता चलता है कि यहां डॉक्टर की कोई जरूरत ही नहीं है यह मेडिकल कॉलेज एक्स-रे टेक्नीशियन के भरोसे चल रहा है अब मरीज डॉक्टर को दिखाएं या फिर एक्सरे टेक्निशियन सी.पी.शुक्ला को ही दिखाएं ।जब डॉक्टर लिखा हुआ जांच को सी. पी. शुक्ला नहीं मानता और मरीजों को वापस कर देते हैं। 

   इसकी शिकायत लगातार मेडिकल कालेज प्रशासन से मरीज करते हैं लेकिन लगभग 10 साल से लगातार यहां अपना पांव जमाए बैठा एक्स-रे टेक्नीशियन सी.पी. शुक्ला अपनी मनमानी के आगे किसी की नहीं सुनते और अभी तक इस पर प्रिंसिपल द्वारा कोई कार्यवायी नहीं किया गया। एक्स-रे टेक्नीशियन के इस रवैया से परेशान मरीजों में काफी आक्रोश दिखा यहां तक की मरीजों ने यह भी आरोप लगाया की जिससे घूस ले लेते हैं उन्हीं एक्सरे करते हैं होता।

    शिकायत पीड़ित धर्मवीर ने मुख्यमंत्री से लेकर सभी उच्च अधिकारियों को भी कर चुके हैं । अब देखना है की मेडिकल कॉलेज में लगभग 10 साल से पांव जमाए बैठा एक्सरे टेक्नीशियन सी.पी.शुक्ला पर कोई कार्यवायी होती है या सिर्फ हवा हवाई रह जाता है जहां एक तरफ सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए लाखों करोड़ों रुपए की दवाई और मशीन की व्यवस्था करती है जिससे जनता को स्वास्थ्य सुविधा मिले लेकिन उन्हीं के इस तरह विभाग में बैठे कर्मचारियों द्वारा सरकार के सुविधा व्यवस्था को मिटाने पर लगे हैं जो की डिप्टी सीएम खुद स्वास्थ्य मंत्री हैं। 

 बावजूद उसके जब मेडिकल कॉलेज में इस तरह की घूसखोरी और मरीजों के साथ गलत व्यवहार करते हैं कर्मचारी तो मरीजों में काफी आक्रोश होता है और इसकी शिकायत करते हैं लेकिन उसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं होती।

1 Comments

  1. Yese technician per immediate action hona chahiye aur commissionary se bahar government Ko transfer karna chahiye.

    ReplyDelete
Previous Post Next Post

نموذج الاتصال