गांव में पुलिस का मानवीय चेहरा, डीआईजी संजीव त्यागी ने कंबल बांटकर जीता ग्रामीणों का दिल

बक्सर गांव में पुलिस का मानवीय चेहरा, डीआईजी संजीव त्यागी ने कंबल बांटकर जीता ग्रामीणों का दिल

बस्ती । पुलिस केवल खाकी वर्दी और अनुशासन का नाम नहीं है, बल्कि वह समाज के अंतिम व्यक्ति के दुख-दर्द में सहभागी भी है। यह नजारा बस्ती जनपद के सदर ब्लॉक स्थित बक्सर गांव में देखने को मिला, जहां बस्ती रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक संजीव त्यागी ने स्वयं उपस्थित होकर न केवल ठंड से ठिठुरते 400 गरीबों को सहारा दिया, बल्कि 'मित्र पुलिस' की संकल्पना को भी चरितार्थ किया।


ग्रामीण अंचलों में अक्सर रेंज स्तर के बड़े अधिकारियों का दौरा केवल निरीक्षण तक सीमित रहता है, लेकिन जब डीआईजी संजीव त्यागी सीधे बक्सर गांव की गलियों में पहुंचे, तो नजारा ऐतिहासिक था। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ अपने बीच रेंज के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी का स्वागत किया। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में डीआईजी को देखने और सुनने की जिज्ञासा देखते ही बनती थी।


कंबल वितरण समारोह की शुरुआत में डीआईजी ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने किसी रसूखदार के बजाय गांव की एक विकलांग महिला को सबसे पहले मंच पर बुलाकर कंबल ओढ़ाया। इसके बाद पंक्तिबद्ध तरीके से गांव के 400 पात्र व्यक्तियों, असहायों और वृद्धों को कंबल वितरित किए गए।


कंबल वितरण के साथ-साथ यह कार्यक्रम एक जागरूकता कार्यशाला में तब्दील हो गया। ग्राम प्रधान बक्सर और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में डीआईजी ने ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों के प्रति सजग किया।


महिलाओं को संबोधित करते हुए डीआईजी ने कहा, "बेटियों और महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं है, पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है। उन्होंने छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसे अपराधों की रोकथाम के लिए 'एंटी रोमियो स्क्वाड' और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।


डीआईजी संजीव त्यागी ने ग्रामीणों को आगाह किया कि फोन पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक या ओटीपी (OTP) को साझा न करें। डिजिटल युग में सावधानी ही बचाव है। युवाओं और स्कूली बच्चों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है, इसे लापरवाही में न गंवाएं। उन्होंने आपातकालीन सेवा 'डायल 112' की उपयोगिता समझाई।


यह सफल आयोजन ग्राम प्रधान बक्सर और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के साझा प्रयासों का परिणाम था। कार्यक्रम के अंत में डीआईजी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब समाज और मीडिया मिलकर पुलिस के साथ खड़े होते हैं, तो अपराध मुक्त समाज का सपना सच होता है। कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, स्कूली छात्र और क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



Previous Post Next Post

نموذج الاتصال